रस्सीकूद के एक नहीं अनेक हैं फ़ायदे | Benefits of Skipping Rope in Hindi

याद है कैसे बचपन में हम सब आपस में शर्त लगाया करते थे कि कौन सबसे ज़्यादा रस्सी कूद सकता है। आज के समय में लोग मॉर्निंग वॉक, इवनिंग वॉक या भागना पसंद करते हैं , रस्सीकूद करने वाले लोग बहुत कम मिलते हैं जबकि रस्सीकूद के बहुत से फ़ायदे हैं। यदि आप दिन में दो बार रस्सीकूद करते हैं तो इससे आपके पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाता है। रस्सी कूदने की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे कहीं भी, कभी भी कर सकते हैं और आप रस्सी कूदने वाली स्किप्पिंग रोप को कहीं भी साथ लेकर जा सकते हैं।

बिज़्ज़ी शेड्यूल के चलते यदि आपके पास एक्सरसाइज करने का ज्यादा समय नहीं है तो रस्सीकूद आपके लिए एक बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज साबित होगी। यदि आप प्रतिदिन मात्र 10 से 15 मिनट भी रस्सीकूद करेंगे तो आपको अपने शरीर में होने वाले फ़ायदे अपने आप नज़र आने लगेंगे। इससे आपकी त्वचा भी निखरेगी और दिल के रोग जैसी गंभीर शारीरिक बीमारियों का खतरा भी कम रहेगा।

ज़िन्दगी की भागमभाग में हमारे शरीर को स्वस्थ रखने की कवायद काफी पीछे छूट जाती है। एक्सरसाइज करने का हमारे पास वक्त नहीं होता जिसकी वजह से हमे बहुत सी बीमारियों का शिकार होने का खतरा रहता है। यदि आप समय की कमी के चलते कोई ऐसी एक्सरसाइज ढूंढ रहे हैं जो कम समय में अधिक फ़ायदा देने वाली हो तो रस्सी कूद आपके लिए ही बनी है। नियमित रूप से रस्सी कूदने के अनेक फ़ायदे हैं।

रस्सी कूदने के फ़ायदे बेहिसाब हैं लेकिन शायद ही आप इनके बारे में जानते हों। फिटनेस को बनाए रखने के लिए लोग ना जाने क्या क्या करते दिखाई देते हैं लेकिन अपने बढ़ते वजन पर रोक नहीं लगा पाते। रस्सी कूदने से आप ना केवल अपनी फिटनेस को बरकरार रख पाएंगे बल्कि आपको इसके बहुत से अन्य लाभ भी मिलेंगे।

रस्सी कूदना एक प्रकार का कार्डियो एक्सरसाइज है जिससे शरीर की कैलोरी कम होती है साथ ही स्टैमिना मजबूत होता है, चलिए जानें क्या होते हैं इसके फ़ायदे:

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रस्सीकूद से वज़न कम होता है

यदि आप अपने बढ़ते हुए वज़न को लेकर परेशान हैं और जिम जाकर बहुत मेहनत कर रहे हैं या फिर यह सोच सोचकर परेशान हो रहे हैं कि इस बढ़ते हुए वज़न को कम कैसे करें तो अब परेशान होना बंद कर दें क्योंकि रस्सीकूद एक बहुत ही लाजवाब  कार्डिओ एक्सरसाइज है जो आपके वज़न को घटाने में मदद करेगी। घर बैठे बैठे आप ये बेहतरीन एक्सरसाइज करके इसके चमतकारी फायदे ज़रूर देख पाएंगे।रोप स्किपिंग से शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने में मदद मिल सकती है। स्सीकूद करने से शरीर में कैलोरीज बहुत तेज़ी से बर्न होती हैं और जब शरीर में पसीना आता है तो इससे वज़न कम होता है। 

नोट:रस्सीकूद से तो वज़न घटेगा ही पर साथ ही भरपूर मात्रा में पानी पीना भी ज़रूरी है।  ये दोनों चीज़ें फॉलो कर आप अपना मनचाहा शरीर पाने में सफल होंगे। 

रस्सी कूदने से पेट की चर्बी घटती है

पेट की चर्बी को घटाना सबसे मुश्किल काम होता है।  यदि  आप पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं तो आप निरंतर रस्सी कूदें।  इससे आपके पेट की चर्बी तेजी से कम होगी क्योंकि रस्सी कूदने से पूरे शरीर का अच्छा वर्कआउट हो जाता है।  

रस्सी कूदने से कैलोरी बर्न होती है

दोस्तों यह बात तो हम सभी जानते हैं कि जब भी हम किसी खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर में कैलोरी बढ़ती है। जब यह कैलोरी बर्न नहीं होती तो इसका असर हमारे वज़न में दिखना शुरू हो जाता है। वहीं रस्सी कूदने से हम आसानी से कैलोरीज़ घटा सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महज कुछ मिनट रस्सी कूदने से शरीर में कैलोरीज़ आसानी से घट जाती हैं जिसके बाद आप फिट होने लगते हैं और मोटापा भी कम होने लगता है।

रस्सीकूद से जोड़ों का दर्द कम होता है

एक समय ऐसा था जब हमारा बढ़े बुजूर्ग कहते थे “हाय। ये जोड़ों का दर्द। ” लेकिन आज हालत ऐसी है कि नौजवान लोग भी जोड़ों के दर्द की परेशानी से जूझ रहे हैं। अब काम भी कुछ ऐसा हो गया है कि घंटो एक ही जगह लैपटॉप के आगे बैठना पड़ता है, चलना एक समय ऐसा था जब हमारा बढ़े बुजूर्ग कहते थे “हाय। ये जोड़ों का दर्द। ” लेकिन आज हालत ऐसी है कि काम उम्र के व्यक्ति भी जोड़ों में दर्द की शिकायत से परेशान है और होंगे भी क्योंकि काम ही कुछ ऐसा हो गया है कि एक ही जगह पर घंटो लैपटॉप पर काम करना पड़ता है। बीच बीच में उठना भी मुमकिन नहीं हो पता और इस वजह से जोड़ों में दर्द होने लगता है और यह दर्द उम्र के साथ बढ़ता चला जाता है। यदि आप भी इस दर्द से परेशान हैं तो दर्द कम करने का तेल खरीदने से पहले एक बार रस्सी कूद करके देखिये। इससे आपके कंधे, घुटने, टखने और कुल्हे के जो़ड़ों की गतिविधि अधिक होती है और जोड़ अधिक सक्रिय होंगे। इस एक्सरसाइज से भविष्य में जोड़ो की समस्या भी पैदा नहीं होती। बेहतर परिणाम के लिए आप कम से कम 10 मिनट रस्सी जरूर कूदें।

दिल को सुरक्षित रखता है रस्सी कूदना

आजकल लोग इतना स्ट्रेस लेने लगे हैं कि दिल का दौरा पड़ना तो एक आम बात हो गयी है। हमारा ह्रदय हमारे शरीर के सबसे अहम हिस्सों में से एक है। इसी की वजह से हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन होता है लेकिन लोग इसी का सबसे कम ध्यान रखते हैं। पौष्टिक आहार ना खाना और एक्सरसाइज ना करना दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में रोज़ाना रस्सी कूदने से ह्रदय की क्षमता बढ़ने लगती है। इस एक्टिविटी से हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है। रस्सीकूद करने से दिल तेज़ी से खून को पंप करता है और दिल की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं। 

रक्त को साफ करने का काम हृदय का होता है और साफ खून धमनियो तथा नसों के द्वारा पूरे शरीर में पहुँचता है। रस्सी कूदने से आपके शरीर के काम करने की क्षमता यानी कि स्टैमिना बढ़ता है। जब आप रस्सी कूदते हैं तो हृदय गति बढ़ती है जिससे हृदय तेज़ी से कार्य करता है।

रस्सीकूद स्टैमिना बढ़ाने में मदद करता है

बढ़ती उम्र के साथ या किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी ना हो पाने की वजह से लोगों का स्टैमिना भी कमजोर होने लगता है जिस वजह से लोग बहुत जल्दी थक जाते हैं। रस्सीकूद एक  ऐसी एक्सरसाइज में शामिल है जो आपको बिना अधिक थकाए आपके शरीर के सभी अंगो को सक्रिय करती है। इसलिए स्टैमिना बढ़ाने के लिए रस्सी कूदना फायदेमंद माना गया है।

यदि आप कोई कार्य करने के बाद बहुत जल्दी थक जाते हैं तो यह चमत्कारी एक्सरसाइज आपके लिए फायदेमंद रहेगी। जब आपका स्टैमिना बढ़ेगा तो आप पूरे दिन में स्वस्थ और एक्टिव महसूस करेंगे।

रस्सीकूद मानसिक तनाव करता है दूर

आजकल लोग जितना शारीरिक बीमारियों से परेशान हैं उतना ही मानसिक बीमारियों से भी। जब शरीर स्वस्थ नहीं रहता तो मन भी दुखी होता है, जब मन दुखी होता है तो शरीर पर भी इसका नकारात्मक असर दिखने लगता है। ऐसे कई शोधों से ये साबित हुआ है कि जो लोग फिज़िकल एक्टिविटी नहीं करते वे मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। इसीलिए ऐसे लोग जो अपने लिए जिम जाने या सुबह वॉक पर जाने का समय नहीं निकाल पाते उनके लिए मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए रस्सी कूदना बेहद ज़रूरी है।

रस्सी कूदने से होती हैं हड्डियां मजबूत

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को कमज़ोर करती है। कई लोगों में लगभग 35 की उम्र के बाद हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं तथा कई महिलाओं में मासिक धर्म के बाद भी हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं। रस्सी कूदने से हड्डियां मज़बूत होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी होने की आशंका भी कम होती है। रस्सी कूदने से गर्दन के दर्द में भी आराम मिलता है और शरीर भी मजबूत बनता है।

शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है, साथ ही यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने के लिए रोजाना 20 मिनट रस्सी कूदें । इससे आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे ।

रस्सीकूद से त्वचा में निखार आता है

कौन नहीं चाहता कि उसकी त्वचा निखरी हुई और सुन्दर दिखे। त्वचा का निखार बहुत हद तक इस बात पर  निर्भर करता है कि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से हो रहा है या नहीं और सही तरह से ब्लड सर्कुलेशन तभी होगा जब कोई एक्सरसाइज की जाये।  रस्सी कूदने या फिर दूसरे हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है। इस तरह आप शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं और त्वचा स्वस्थ होती है, जिससे निखार आता है।

रस्सीकूद से टेंशन होगी कम

रस्सी कूदने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। इससे मस्तिष्क भी बेहतर तरीके से काम करता है और मेमोरी भी तेज़ होती है।

जब दिमाग में रक्त संचार बढ़ता है तो व्यक्ति को बहुत हल्का महसूस होता है। रक्त संचार को बढ़ाने में रस्सीकूद बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। निरंतर रस्सीकूद से आपके दिमाग में रक्त संचार बढ़ेगा और आप चिंता मुक्त महसूस करेंगे। रस्सीकूद करने से शरीर में एंडोर्फिन्स रिलीज़ होते हैं जिससे शरीर का दर्द भी कम होता है और साथ ही आप सकारात्मक भी मह्सूस करते हैं ।

Note: जब हम व्यायाम करते हैं तो हमारा शरीर एंडोर्फिन्स नामक केमिकल रिलीज़ करता है।  ये एंडोर्फिन्स हमारे दिमाग के रिसेप्टर्स से इंट्ररैक्ट करते हैं और शरीर में दर्द कम महसूस होता है। हम सकारात्मक और रिलैक्स्ड महसूस करते हैं। 

रस्सीकूद से मज़बूत और टोंड मांसपेशियां पाएं

रस्सीकूद करने से शरीर के अंगो जैसे कंधे, हाथ और पाँव की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं।

श्वसन तंत्र के लिए भी अच्छी है रस्सीकूद

रस्सीकूद करने से फेफड़ों की भी एक्सरसाइज हो जाती है और ये हमारे श्वसन तंत्र के लिए बहुत फ़ायदेमंद है।

क्यों चुने रस्सीकूद?

1.रस्सीकूद करने के लिए आपको जिम या कहीं और जाकर पैसे खर्चने की कोई ज़रुरत नहीं है।  आपको चाहिए सिर्फ एक रस्सी जिससे आप रस्सीकूद कर सकें।
2.आप कहीं भी रस्सीकूद कर सकते हैं।  रस्सीकूद करने के लिए आपको किसी बड़ी जगह की ज़रुरत नहीं है।  आप अपने कमरे में भी आराम से रस्सीकूद कर सकते हैं। 
3.रस्सी कूद सीखना बहुत ही आसान है। रस्सीकूद सीखने के लिए आपको कहीं बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है, आप घर में ही प्रैक्टिस कर सकते हैं। 
4.आप अगर कुछ दिनों के लिए कहीं बाहर घूमने या किसी काम से भी जा रहे हैं तो आप अपनी स्किप्पिंग रोप को अपने बैग में डालकर साथ ले जा सकते हैं।
क्यों चुने रस्सीकूद?

सोच क्या रहे हैं अगर घर में स्किप्पिंग रोप कहीं धूल खा रही है तो जाकर निकाल लें और आज ही शुरू करें रस्सी कूदना और अगर स्किप्पिंग रोप नहीं है तो जाइये खरीद लाइए एक स्किप्पिंग रोप और शुरू हो जाइये।  आजकल इतने सस्ते में इतना लाभ देने वाली कोई वस्तु आसानी से मिलती कहाँ है और अगर मिल रही है तो क्यों न उसका फ़ायदा उठाया जाये। 

इन बातों का रखें ध्यान :

1.कोशिश ये करें कि आप सुबह उठकर खाली पेट रस्सी कूद करें जैसे आप कोई भी दूसरी एक्सरसाइज करते हैं।  अगर सुबह समय नहीं निकाल पाते तो खाने और रस्सी कूदने के बीच कम से कम 4 – 5  घंटो का अंतर ज़रूर रखें।
2.शुरुआत में बहुत लम्बे समय तक रस्सी ना कूदें।  अपने कम्फर्ट के हिसाब से कम समय के लिए ही रस्सीकूद करें और फिर धीरे धीरे इस समय अवधि को बढ़ाएं।
3.शुरुआत में जल्दी रस्सी कूदने के चक्कर में अपने शरीर पर ज़्यादा स्ट्रेन नाडालें।  कोई भी एक्सरसाइज शुरुआत में आराम से करनी चाहिए। 
4.रस्सीकूद शुरू करने से पहले 5 -10  मिनट वार्म उप कर लें। 
5.रस्सीकूद करते हुए ज़्यादा ऊँचा कूदने की ज़रुरत नहीं है। 
6.आप आराम से रस्सी कूद करें। 
7.रस्सी कूद ख़त्म करने के बाद कुछ देर अपने शरीर को थोड़ा हिला डुला लें।  
इन बातों का रखें ध्यान :

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FAQ’s

Q. रस्सीकूद कब करनी चाहिए ?

Ans. रस्सीकूद सुबह खाली पेट करनी चाहिए।

Q. स्किप्पिंग रोप की कीमत क्या है ?

Ans. आप 100 से 150  रुपये में एक अच्छी स्किप्पिंग रोप खरीद सकते हैं ।

Q. क्या रस्स्सीकूद करने से वज़न कम होता है ?

Ans. रस्सीकूद करने से शरीर की कैलोरीज घटती हैं और इससे वज़न कम होता है ।

Q. रस्सीकूद कहाँ से सीखें ?

Ans. आप रस्सीकूद घर में ही सीख सकते हैं। प्रतिदिन 15 -20 मिनट अभ्यास करें कुछ ही दिनों में रस्सी कूद सीख जाएंगे। आप यूट्यूब वीडियो देखकर भी रस्सी कूद सीख सकते हैं।

Q. रस्सीकूद करने से क्या होता है ?

Ans रस्सीकूद करने से पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाता है और आप शारीरिक और मानसिक रूप से तंदरुस्त रहते हैं ।

Q. रस्सीकूद कहाँ करनी चाहिए ?

Ans. रस्सीकूद कहीं भी कर सकते हैं।  जिम में, घर में या कहीं पार्क में।

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