World Rhino Day यानी वैश्विक राइनो दिवस हर वर्ष 22 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। वर्ल्ड राइनो डे गैंडों की सभी पाँच प्रजातियों के संरक्षण और गैंडो के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस गैर सरकारी संस्थानों और गैंडो के संरक्षण और सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे संस्थानों के लिए एक अवसर है गैंडो के बारे में लोगों को जागरूक करने का, उन्हें यह बताने का कि कैसे हम गैंडो का ख्याल रख सकते हैं और उनके संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं।
वर्ल्ड राइनो डे या वैश्विक राइनो दिवस की शुरुआत कैसे हुई ?
वर्ल्ड राइनो डे या वैश्विक राइनो दिवस की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई जब वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फण्ड साउथ अफ्रीका ने यह घोषित किया कि सितम्बर 22 को वर्ल्ड राइनो डे या वैश्विक राइनो दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस को मनाने की शुरुआत की घोषणा तो 2010 में कर दी गयी थी लेकिन इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान वर्ष 2011 में मिली जब ज़िम्बाब्वे की लीसा जेन कैम्पबेल और अनामितिसि के संस्थापक ने रचनात्मक निदेशक रिषजा कोटा के साथ मिलकर गैंडो के संरक्षण और सुरक्षा के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने के लिए एक दूसरे से हाथ मिलाया।
इंटरनेशनल यानी अन्तर्राष्ट्रीय राइनो फाउंडेशन क्या है ?
इंटरनेशनल यानी अन्तर्राष्ट्रीय राइनो फाउंडेशन एक ऐसी फाउंडेशन है जो राइनो यानी गैंडो के संरक्षण के लिए काम करती है। यह फाउंडेशन गैंडो के सर्वाइवल के लिए सामरिक भागीदारी और लक्षित संरक्षण के माध्यम से कार्य करती है। इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन ने अफ्रीका और एशिया में कई गैंडा संरक्षण प्रोजेक्ट का समर्थन और प्रबंधन किया है।
इंटरनेशनल यानी अन्तर्राष्ट्रीय राइनो फाउंडेशन किसके साथ कार्य करती है ?
इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन ऐसे व्यक्तियों और संगठनों के साथ काम करती है जो इस फाउंडेशन की तरह गैंडो के सरंक्षण के लिए कार्य करते हैं।
इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन कैसे बनी ?
इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार करीब 30 साल पहले अत्यधिक, संगठित अवैध शिकार के कारण ज़िम्बाब्वे में पाए जाने वाले काले गैंडो की संख्या तीव्र गति से घटती जा रही थी। यह एक बेहद परेशान कर देने वाली बात थी। यह देखते हुए कुछ व्यक्तियों और संस्थानों के एक समूह ने 1989 में इंटरनेशनल ब्लैक राइनो फाउंडेशन स्थापित की। इस फाउंडेशन के सहयोग से
अवैध शिकार कम होने लगा और ब्लैक राइनो की संख्या धीरे धीरे बढ़ने लगी।
वर्ष 1993 में जब फाउंडेशन ने समझा की गैंडो की सभी पांच प्रजातियां खतरे में हैं तो यह फाउंडेशन इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन बनी। इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन खासतौर पर उन गैंडो के लिए काम करती है जिनकी प्रजाती खतरे में है।
WORLD RHINO DAY 2021 यानी वैश्विक राइनो दिवस 2021 टी शर्ट
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय राइनो फाउंडेशन वैश्विक राइनो दिवस पर, सितम्बर के इस महीने में लिमिटेड एडिशन वर्ल्ड राइनो डे टी शर्ट बेच रही है। यह टी शर्ट सिर्फ सितम्बर 30 तक खरीदी जा सकेगी। इस शर्ट को खरीदकर आप गैंडो के संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं क्यूंकि फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार वर्ल्ड राइनो डे टी शर्ट खरीदने से आप गैंडो की दो तरह से मदद करेंगे : पहला ये कि ये टी शर्ट बेचकर फाउंडेशन को जो भी मुनाफ़ा होगा उस उसे गैंडो के संरक्षण कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा और दूसरा ये कि इस शर्ट को पहनकर आप लोगों को गैंडो के बारे में जानकारी दे सकते हैं और उन्हें जागरूक कर सकते हैं।
यह टी शर्ट इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह टी शर्ट 4 अलग अलग स्टाइल में और अलग अलग रंगों में उपलब्ध है। टी शर्ट के अलावा भी इस वेबसाइट पर अन्य कपड़े, किताबें, टोपियां आदि उपलब्ध हैं तो यदि आप लोग भी राइनो प्रेमी हैं तो आप इस वेबसाइट से ये सब खरीद सकते हैं।
World Rhino Day 2021 Social Media toolkit यानी वैश्विक राइनो दिवस 2021 सोशल मीडिया टूलकिट
इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन इस वैश्विक राइनो दिवस के अवसर पर सभी से ये अनुरोध कर रही है कि लोग गैंडो की सभी पांच प्रजातियों और उन्हें जिन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, उनके बारे में जागरूकता फैलाएं।
आजकल हर दूसरा व्यक्ति अपने विचार सभी के सामने रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर रहा है। सोशल मीडिया की बदौलत आज एक व्यक्ति के लिए अपनी बात या विचार दुनिया के कोने कोने तक पहुँचाना बहुत आसान हो गया है। यही देखते हुए इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन ने वैश्विक राइनो दिवस पर गैंडो के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए कुछ ग्राफ़िक्स और कैप्शंस बनाये है जो लोग अपने सोशल मीडिया पर डाल सकते हैं।
आपको सिर्फ इतना करना है कि इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन की वेबसाइट ये ग्राफ़िक्स डाउनलोड करना है, वहां से कॉपी कर उसे अपने पसंदीदा सोशल प्लेटफार्म पर पोस्ट करना है। ये पोस्ट कर #WorldRhinoDay #WRD2021 #TeamRhino #KeeptheFiveAlive जैसे हैशटैग्स इस्तेमाल किये जा सकते हैं।
गैंडो की पांच प्रजातियाँ क्या हैं ?
गैंडो की पांच प्रजातियों के नाम एवं वर्णन नीचे दिए गए हैं :
जावन राइनो (Javan Rhino )
जावन राइनो, गैंडो की प्रजातियों में सबसे दुर्लभ प्रजाति है और इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार इस प्रजाति के 72 गैंडे जीवित हैं जो इंडोनेशिया में हैं। जावन राइनो सिर्फ इंडोनेशिया के उजुँग कुलों राष्ट्रीय पार्क में हैं और इंडोनेशिया में गैंडों के संरक्षण के लिए जो संरक्षण यूनिट्स बनाई गयी हैं, उनके निरंतर प्रयासों के कारण ही पिछले 20 साल से उजुँग कुलों में इन गैंडो का अवैध शिकार नहीं हुआ है।
ख़ुशी की बात यह है कि इन यूनिट्स के प्रयासों की बदौलत ही जावन राइनो की संख्या धीरे धीरे ही सही पर बढ़ रही है ।
जावन राइनो की प्रजाति को सबसे ज़्यादा खतरा है। एक समय ऐसा था जब जावन राइनो पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में भी पाया जाता था। वियतनाम में आखिरी जावन राइनो का शिकार वर्ष 2010 में किया गया। जावन राइनो करीब 30 – 40 वर्ष तक जीवित रहते हैं।
जवान राइनो का वैज्ञानिक नाम
जावन राइनो का वैज्ञानिक नाम Rhinoceros sondaicus यानी राइनोसेरोस सोनडाईकस है। राइनोसेरोस ग्रीक शब्द ‘राइनो ‘से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘नाक’ और सेरोस शब्द का अर्थ है ‘हॉर्न’ यानी ‘सींग’। सोनडाईकस शब्द इंडोनेशिया के सुंडा द्वीप से लिया गया है और सुंडा का अर्थ होता है ‘जावा’। इसीलिए इस प्रजाति का नाम जावन राइनो है।
जावन राइनो कैसा दिखता है ?
जावन राइनो करीब 900 से 2300 किलो के बीच का होता है। जावन राइनो का एक ही सींग होता है। नर गैंडे का सींग मादा गैंडे से ज़्यादा बड़ा होता है और कुछ मादा गैंडों के सींग नहीं भी होते। जावन राइनो का रंग धूसर होता है। जावन राइनो के शरीर पर बा
ल नहीं जाते और इनकी चमड़ी कवच प्लेट की तरह होती है। जावन राइनो काफी हद तक ग्रेटर एक सींग राइनो की तरह दीखते हैं लेकिन जावन राइनो का सिर इनसे बहुत छोटा होता है।
जावन राइनो को बचाना ज़रूरी क्यों है ?
जैसे की ऊपर बताया गया है कि जावन राइनो अब सिर्फ इंडोनेशिया के उजुँग कुलों राष्ट्रीय पार्क में ही बचे हैं और कैसे समय के साथ अवैध शिकार के कारण उनकी संख्या घटती आई है, इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि इस प्रजाति का संरक्षण किया जाए क्यूंकि यदि उजुँग कुलों के गैंडो को नहीं बचाया गया तो इनकी प्रजाति विलुप्त हो जाएगी।
ग्रेटर वन हॉर्न्ड राइनो (greater one rhino) एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाला गैंडा
एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे की संख्या एक समय में करीब 100 हो गयी थी। एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाले गैंडे को खेल के लिए मारा जाता था लेकिन भारत और नेपाल के सरकारी प्राधिकारियों के द्वारा जिस तरह इन गैंडो के संरक्षण और सुरक्षा के लिए कार्य किये जाते हैं, उसकी बदौलत ही आज एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाला गैंडे की संख्या 3700 से भी ज़्यादा बढ़ गयी है।
इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन के अनुसार वर्ष 2005 में इस फाउंडेशन ने भारत राइनो विज़न 2020 के पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया और असम के मानस राष्ट्रीय पार्क में गैंडो की एक नई संख्या स्थापित की। इस पार्क में वर्ष 2012 से करीब 21 गैंडो का जन्म हुआ है और ये संख्या लगातार बढ़ रही है।
एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे का वैज्ञानिक नाम
एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे का वैज्ञानिक नाम Rhinoceros unicornis यानी राइनोसेरोस युनिकोर्निस है। यह ग्रीक शब्द राइनो से लिया गया है जिसका मतलब होता है ‘नाक ‘ और सेरोस का मतलब होता है ‘सींग ‘। युनिकोर्निस शब्द लैटिन शब्द ‘युनि ‘ से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘एक’ और कोर्निस का रथ है ‘सींग’ यानी एक सींग वाला।
एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाला गैंडा कैसा दिखता है ?
एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे का काले रंग का सिर्फ एक सींग होता है और ये सींग करीब 8-25 इंच लम्बा होता है और ये गैंडा हल्का धूसर-भूरे रंगा का होता है। एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे की चमड़ी बख़्तरबंद प्लेट जैसी दिखाई देती है। एक श्रृंगी गैंडे या एक सींग वाला गैंडे का वज़न करीब 4,000-6,000 पौंड के बीच होता है।
ब्लैक राइनो (Black Rhino)
गैंडो की सभी प्रजातियों में जिस प्रजाति की संख्या सबसे ज़्यादा तीव्र गति से कम हुई है, वो है ब्लैक राइनो की प्रजाति। वर्ष 1970 और 1993 के बीच काले गैंडो की संख्या करीब 96 % तक घट गयी थी और इसका कारण था इन गैंडो का अवैध शिकार लेकिन इन गैंडो के संरक्षण के लोए जो भी प्रयास किये गए, उनके कारण काले गैंडो की संख्या अब बढ़ गयी है लेकिन आज भी अवैध शिकार का खतरा इन गैंडो के इर्द गिर्द मंडरा रहा है। ब्लैक राइनो यानी काले गैंडे जंगल में करीब 30 -40 साल तक जीवित रह सकते हैं।
ब्लैक राइनो यानी काले गैंडे असल में काले रंग के नहीं होते
ब्लैक राइनो का नाम सुनते ही आपको लगा होगा की ये काले रंग के होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। ये गैंडे काले रंग के नहीं होते हैं। काले गैंडो का रंग भूरे से लेकर धूसर होता है और इन्हे काला गैंडा इसलिए बुलाया जाता है जिससे इनके और सफ़ेद गैंडो और जिस मिट्टी में ये अपने शरीर को लतपत कर लेते हैं, के बीच अंतर किया जा सके। इन गैंडो का ऊपरी होंठ पेड़ों और पौधों से खाना खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
काले गैंडे का वैज्ञानिक नाम
काले गैंडे का वैज्ञानिक नाम है Diceros bicornis Dicero यानी दीसेरोस बाईकोर्निस दीसेरो जो ग्रीक शब्द से लिया गया है। ‘दी’ का अर्थ है ‘दो’, ‘सेरोस’ का अर्थ है ‘सींग’ और ‘बाई कोर्निस’ जो की लैटिन के शब्द ‘बाई’ और ‘कोर्निस’ से लिया गया है, का अर्थ है दो सींग।
आज के समय में काले गैंडो की संख्या करीब 5500 तक पहुँच गयी है।
ब्लैक राइनो यानी काला गैंडा कैसा दिखता है ?
जैसे की ऊपर बताया गया है, काले गैंडो का रंग भूरे से लेकर धूसर होता है। इनका वज़न करीब 800 किलोग्राम से 1350 किलोग्राम के बीच होता है। जैसा कि इनके वैज्ञानिक नाम से स्पष्ट है, काले गैंडो के दो सींग होते हैं। आगे वाला सींग करीब 20 – 55 इंच तक होता है और पीछे वाला सींग करीब 22 इंच का होता है।
सुमात्रा राइनो sumatran rhino
गैंडो की सभी प्रजातियों में सुमात्रा राइनो यानी सुमात्रा गैंडो की प्रजाति सबसे ज़्यादा गंभीर रूप से संकटग्रस्त है क्यूंकि इस प्रजाति के गैंडो की संख्या बहुत तेज़ी से कम होती जा रही है। सुमात्रा गैंडो की संख्या, पिछले 20 वर्षो में करीब 70 % घट गयी है। वर्ष 2015 में मलेशिया महादेश में इस प्रजाति को विलुप्त घषित कर दिया गया था। सुमात्रा राइनो सिर्फ सुमात्रा में पाए जाते हैं और इनकी सुरक्षा राइनो सुरक्षा यूनिट और वन्यजीव सुरक्षा यूनिट द्वारा की जाती है। सुमात्रा गैंडे करीब 35 से 40 वर्ष तक जीते हैं। एशियाई भूभाग में जो गैंडे पाए जाते हैं, उनमे से मात्र सुमात्रा गैंडे ही हैं जिनके 2 सींग होते हैं। इन गैंडो की संख्या 80 से भी कम है।
सुमात्रा गैंडो का वैज्ञानिक नाम
सुमात्रा गैंडो का वैज्ञानिक नाम Dicerorhinus sumatrensis यानी डाइसेरोरिनुस सुमात्रेंसिस है। यह शब्द ग्रीक शब्द से लिया गया है। ‘दी’ का अर्थ है ‘दो’ और ‘सेरोस’ का अर्थ है ‘सींग’। राइनो का अर्थ है ‘नाक’ और सुमात्रेंसिस यानी ‘सुमात्रा’ अर्थात सुमात्रा में पाए जाने वाला दो सींग का गैंडा।
सुमात्रा गैंडा कैसा दिखता है ?
सुमात्रा गैंडे का वज़न करीब 600 – 950 किलोग्राम के बीच होता है। सुमात्रा गैंडे के दो सींग होते हैं। इसका आगे वाला सींग 10 – 31 इंच के बीच होता है और दूसरा सींग छोटा होता है। सुमात्रा गैंडे के कान झालरदार होते हैं और इनकी चमड़ी लाल-भूरे रंग की होती है। सुमात्रा गैंडे का शरीर लम्बे बालों से ढका रहता है।
FAQ’s
Q. ग्रेटर वन हॉर्न्ड राइनो greater one rhino एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाला गैंडा कहाँ पाया जाता है ?
Ans: ग्रेटर वन हॉर्न्ड राइनो greater one rhino एक श्रृंगी गैंडा या एक सींग वाला गैंडा भारत और नेपाल में पाया जाता है।